28 October, 2016

Cookware Buying Guide | बर्तनों की ख़रीददारी

Cookware Buying Guide



आजकल किचन में खाना पकाने के लिए कई तरह के बर्तनों का उपयोग किया जाता है । इनमें फ्राइंग पैन से लेकर तवे तक, कुकर से लेकर कढ़ाई तक कई तरह के बर्तन उपलब्ध है । बर्तनों की बात की जाये तो बाजार अलग-अलग मेटल से बने बर्तन मौजूद है । इन विकल्पों में जल्दी खाना पकाने से लेकर कम तेलीय खाना बनाने तक, हेल्थी खाना बनाने के कई विकल्प है । अगर आप भी बर्तनों की ख़रीददारी कर रहे है तो पहले यह जान ले कि आपके लिए कौन से बर्तन उपयुक्त रहेंगे ।   

Non Stick Pans


इन बर्तनों के फायदे और नुक्सान दोनों होते है । साधारणतः इन बर्तनों की पहचान यह होती है कि अंदर की तरफ से ये गहरे काले रंग के होते है । इन बर्तनों पर नॉनस्टिक मटेरियल की परत चढ़ी होती है जिससे खाना बर्तन पर चिपकता नहीं है । यह नॉनस्टिक मटेरियल सामान्यतः पॉलीटेटराफ्लूओरोइथीलिन  PolyTetraFluoroEthylene (PTFE) होता है जिसको टेफ़लोन (Teflon) भी कहते है । इन बर्तनों के फायदों की बात की जाये तो ये कम वसा युक्त खाना बनाने जैसे अण्डे, आमलेट और कम तेल में खाना फ्राई करने के काम आते है साथ ही ये वजन में भी हल्के होते है । नुक्सान की बात करे तो इन बर्तनों को आपको साधारणतः 500 डिग्री फ़ारेनहाइट या 260 डिग्री सेल्शियस से अधिक तापमान की कुकिंग के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे अधिक तापमान पर  टेफ़लोन की परत खाने में घुल जाती है जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है ।  
  

Cast Iron


कास्ट आयरन से बने बर्तन मजबूत, भारी और अधिक समय तक चलते है । खाने में आयरन की मात्रा मिल जाने के कारण लोग इन बर्तनों का उपयोग करते है । जब कास्ट आयरन के बर्तनों में कोई अम्लीय खाना जैसे अण्डे, टमाटर से बना खाना पकाया जाता है तो ये बर्तन खाने में आयरन छोड़ देते है । इन बर्तनों में खाने को चिपकने से बचाने के लिए तेल अधिक लगता है । साथ ही इन बर्तनों की सफाई और रखरखाव में अधिक मेहनत लगती है । इन बर्तनों को गर्म करने में अधिक समय लगता है लेकिन ये बर्तन हैवी कुकिंग के लिए अच्छे माने जाते है । 

Aluminium


एल्युमीनियम के बर्तन जल्दी गर्म हो जाते है । यह सस्ते भी होते है तथा वजन में हल्के भी होते है । परन्तु ये भी अम्लीय खाने के साथ अभिक्रिया करने पर खाने में एल्युमीनियम मिला देते है । इस खामी को दूर करने के लिए एनोडाइजड एल्युमीनियम (Anodized Aluminium) के बर्तन आते है । एनोडाइजड एल्युमीनियम इलेक्ट्रो-केमिकल विधि द्वारा बनाये जाते है जिससे की खाने में एल्युमीनियम का रिसाव नहीं हो पाता । लेकिन ये बर्तन गर्म होने में एल्युमीनियम से बने बर्तनों से अधिक समय लेते है साथ ही ये महँगे भी होते है । 

Stainless Steel


इस प्रकार के बर्तन खाने के साथ कोई अभिक्रिया नहीं करते इसलिए सबसे अच्छे माने जाते है । स्टैनलेस स्टील के बर्तन महँगे होते है । स्टैनलेस स्टील को गर्म करने पर यह ऊष्मा को सभी तरफ समान रूप से नहीं फैला पाते । इसलिए आपने देखा होगा कि इन बर्तनों के तले में किसी अन्य धातु जैसे ताँबे (कॉपर) या एल्युमीनियम की परत चढ़ी होती है जिससे की हीट डिस्ट्रीब्यूशन अच्छे से हो जाता है । इन परतों के कारण ये अधिक समय तक चलते है कई बार इनमें एक से ज्यादा परतें होती है जैसे मैग्नेटिक स्टेनलेस स्टील, कॉपर या एल्युमीनियम, पोलिश स्टेनलेस स्टील की ।  

सुझाव 


1. बर्तनों को खरीदने से पहले उसके हैंडल को भी जाँच लें । साथ ही उसके रिवेट्स जहाँ हैंडल के साथ मटेरियल जुड़ा होता है उसकी मजबूती भी आकें । आजकल स्टेनलेस स्टील के बर्तनों में कई सारी मटेरियल की परतें आती है आप भी ये देखे ले की आपके बर्तन में कितनी परतें है । 

2. बर्तनों को अपने चूल्हे के आकार के अनुसार ख़रीदें । न तो चूल्हे के आकर से बड़ा बर्तन ख़रीदे और न ही काफी छोटा ।  साथ ही यह भी ध्यान रखे कि आप कुकिंग किस पर कर रहे है जैसे - गैस, इंडक्शन या माइक्रोवेव  ओवन । 

3. अगर आप इंडक्शन पर भी खाना बनाने के लिए बर्तन खरीद रहे है तो उन बर्तनों को खरीदें जो मैग्नेटिक मटेरियल से बने हो या फिर उनके तले मैग्नेटिक मटेरियल के हो जैसे - कास्ट आयरन, मैग्नेटिक स्टेनलेस स्टील । इनमें शुद्ध एल्युमीनियम और ताँबे के बर्तन प्रयोग नहीं होते है या फिर इनका तला मैग्नेटिक मटेरियल का होना चाहिए । 

4.  अगर आप माइक्रोवेव ओवन में खाना बनाने के लिए बर्तन खरीद रहे है तो वे बर्तन प्लास्टिक, सिरेमिक्स या ग्लास के होने चाहिए । कभी भी मेटल के बने बर्तनों का उपयोग माइक्रोवेव में नहीं किया जाता । 

5. अगर आप टेफ़लोन के बर्तनों का उपयोग कर रहे है तो खाली बर्तन को गैस पर ज्यादा गर्म न करें । ऐसा इसलिए क्योंकि इससे उसकी नॉनस्टिक कोटिंग को खतरा होता है । 

6. नॉनस्टिक के बर्तनों को धोते समय सावधानी बरतनी चाहिए । नॉनस्टिक के बर्तनों को धोते समय मेटल के बने मार्जक (स्कोयरिंग पैड) का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे उसमें स्क्रैच आ जाते है या उसकी परत निकल सकती है । 

7. कभी भी गर्म बर्तन को सीधे ठंडे पानी में नहीं डालना चाहिए इससे उसका तला ख़राब हो जाने का खतरा रहता है । 

आशा करता हूँ आपको यह जानकारी जरूर पसंद आएगी और यह कुकवेयर की खरीददारी में आपके काम आएगी और अगर आपके पास कोई सवाल हो तो आप नीचे कमेंट लिख कर हम से पूछ भी सकते है । 


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