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08 July, 2024

How to stop worrying चिंता करना कैसे छोड़ें

चिंता करना कैसे छोड़ें और जिन्दगी जीना शुरू करें ? 

सबसे पहले आप चिंता करना क्यों छोड़ना चाहते हैं यह पता होना चाहिए अगर आपको चिंता करने से  तनाव, चिंता, अनिद्रा और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही है और यदि यह आपको जीवन का आनंद लेने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने से रोक रही है । तो आपको अत्यधिक चिंता करना छोड़ना चाहिए । यहाँ कुछ तरीके हैं जो आपको चिंता को कम करने और सुख और शांति से रहने में मदद कर सकती हैं ।

 

 

वर्तमान में जीना शुरू करें -  

सबसे पहले तो वर्तमान में जीना शुरू करें | जिन्दगी की कई चिंताएँ अतीत या भविष्य को लेकर होती हैं जहाँ अतीत की चिंताएँ अपरिवर्तनशील होती हैं जिन्हें आप चाह के भी बदल नहीं सकते । वही भविष्य की चिंताएँ अनिश्चित होती हैं । तो बजाय इस बात पर ध्यान देने के कि क्या हुआ, क्यों हुआ या क्या हो सकता है उस पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करें जो अभी हो रहा है यानि आपका वर्तमान | आपको खुद वह रास्ता ढूढ़ना पड़ेगा जिससे आप वर्तमान में जी सके | चिंता और तनाव कम कर सके | इसके लिए एक सरल तरीका यह है कि आप खुद से पूछें: "इस हालत में या इस स्थिति में सबसे बुरा क्या हो सकता है? और मैं इसके बारे में क्या कर सकता हूँ या क्या नहीं कर सकता हूँ " और फिर बिना डरे इसे स्वीकार करने के लिए तैयार रहें । इससे आपको अपनी समस्याओं को हल करने में सहायता मिलेगी और अपनी स्थिति को जानने और उसमें सुधार करने में मदद मिलेगी | 

 

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अब आप कहेंगे ये सब इतना आसान तो है नहीं क्योंकि जीवन में कभी-कभी चिंता उन घटनाओं के कारण हो सकती है जिसमें आपका कोई बस नहीं चलता यानि जो आपके नियंत्रण से बाहर होती है जो आपको काफी उदास, दुःखी, क्रोधित या डरा हुआ महसूस कराती हैं जैसे किसी अपने की मृत्यु, धोखा मिलना, किसी अपराध का शिकार हो जाना, आर्थिक संकट या प्राकृतिक आपदा | तो ऐसे समय में आप दुखी और चिन्तित तो रहेंगे ही लेकिन आपको कब तक इन भावनाओं के साथ रहना है ये आपको सोचने की जरुरत है आपको एक सीमा निर्धारित करने की आवश्यकता है कि आप कितने समय तक खुद को किसी बात पर दुःखी या तनावग्रस्त रहने देंगे क्योंकि एक समय के बाद आपको ठीक होना पड़ेगा और जिंदगी में आगे बढ़ना पड़ेगा | इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपनी भावनाओं को भूल रहे हैं या किसी को भूला रहे हैं, बल्कि यह है कि आप ठीक होने का प्रयास कर रहे हैं । ताकि आप नकारात्मक भावनाओं को दूर करके  और अपना दिमाग को शांति प्रदान कर सके | 

 

 

इसके अलावा चिंता की एक वजह, दूसरों द्वारा अस्वीकार किए जाने या आंके जाने का डर भी है । इससे आप खुद को अयोग्य या हीन महसूस करते हैं । अगर लोग आपकी काफी आलोचना करते है तो उन आलोचनाओं को व्यक्तिगत रूप में ना ले और हमेशा रक्षात्मक कदम उठाने के बजाय इसे सकारात्मक और रचनात्मक रूप परिवर्तित करने का प्रयास करें । आपको यह समझने की ज़रूरत है कि आलोचना हमेशा बुरी चीज़ नहीं होती है । कभी-कभी यह इस बात का भी संकेत हो सकती है कि आप कुछ महत्वपूर्ण, चुनौतीपूर्ण या अलग काम कर रहे हैं । जो आपको सीखने या आगे बढ़ने और खुद को बेहतर बनाने का मौका हो सकती है । यदि फिर भी बात न बने तो आप उस व्यक्ति को धन्यवाद दें सकते हैं जो आपकी आलोचना करता है और फिर उनसे बेहतर करने के बारे में सुझाव मांगें । 

तो अंत में यह आपको ही तय करना है आपको कितना चिंताग्रस्त रहना है | क्या चिंताएँ आपके जीवन जीने को प्रभावित कर रही है | कही ये आपके लिए बीमारियाँ, दुःख आदि का कारण तो नहीं बनती जा रही है | आपको इससे बाहर निकलने का प्रयास करते रहना चाहिए क्योंकि एक अच्छा शांतिपूर्ण जीवन जीना आपका अधिकार है |

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07 July, 2024

Sunday को क्या करना पसंद करते हैं आप?

 Sunday को क्या करना पसंद करते हैं आप? 

 Sunday वैसे तो छुट्टी का दिन होता है लेकिन कुछ के लिए यह काम का दिन भी होता है लेकिन अगर आप भी अधिकतर लोगों की तरह इसे छुट्टी का दिन की तरह मनाते है तो यह सवाल उठता है कि इस Sunday के दिन को क्या करना पसंद करते हैं आप ?  

 


 

आराम 

पहला जवाब हो सकता है 'आराम' | हफ्ते भर की थकान को यह Sunday यानि रविवार का दिन आराम करके बिताने वाला हो सकता है | अधिकतर लोग रविवार को आराम करना चाहते है ताकि वे अगले हफ्ते के भागदौड़ वाली जिंदगी के लिए तैयार हो सके और अपने आपको तरोताजा कर सके | 

ख़रीददारी

बहुत सारे लोगो के लिए यह दिन शॉपिंग यानि ख़रीददारी का होता है | वे कपड़ो की shopping, हफ्ते भर की फल और सब्जियाँ, घर का जरुरी सामान, रसोई का सामान आदि सब कुछ Sunday के दिन ही ख़रीदते है | यूँ कहे उनका पूरा दिन सामान की ख़रीददारी में ही व्यतीत होता है और वे इसे इस तरह ही बिताना पसंद करते है |   

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घूमना

 अधिकतर लोग Sunday के दिन को घूमने फिरने में बिताना पसंद करते है | कुछ लोगों के लिए Sunday का दिन ही एकमात्र होता है जिसको वे अपने अनुसार जीना चाहते हैं और जहाँ मर्जी हो वहाँ घूमने जाना चाहते हैं | उन्हें व्यस्त भरे हफ्ते में एक यही दिन खाली मिलता है जो वे अपने आप को दे पाते है इसलिए वे इस दिन अलग-अलग जगह घूमना पसंद करते है |

इस प्रकार लोग Sunday के दिन को अलग-अलग तरह से व्यतीत करना पसंद करते हैं | हो सकता है कोई व्यक्ति इन तीन तरीकों को मिलाकर ही उस दिन को व्यतीत करना पसंद करते होंगे | इसके अलावा यह भी हो सकता है कि संडे के दिन को व्यतीत करने का आपका तरीका कुछ और हो | तो सवाल उठता है की आप Sunday को क्या करना पसंद करते हैं आप?


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16 September, 2016

आधुनिक जीवन-शैली और स्वास्थ्य

हम आज आधुनिक जीवन शैली में रहते है । जहाँ एक ओर तकनीकी ने हमारे जीवन को बहुत सुविधाजनक और आरामदेय बना दिया है वही दूसरी ओर खानपान की आदतों और जीवन शैली ने जिस चीज़ को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है वह है मानव स्वास्थ्य । वस्तुतः जीवन शैली हमारे हर दिन के कामों और व्यवहारों का ही रूप है, जिसके अंतर्गत जो काम हम करते है, खान पान, खाली समय में क्या करते है, हमारा व्यवहार आते है । इस जीवन शैली ने मानव स्वास्थ्य पर क्या- क्या प्रभाव डाले है आज उन पर चर्चा करते है -

आधुनिक जीवन-शैली व बीमारियाँ 


गुस्सा - जो चीज़ इस जीवन शैली में इंसान में सबसे ज्यादा बढ़ रही है वह है इंसान के अंदर का गुस्सा । छोटी- छोटी बातों में भी इंसान गुस्सा करने लगा है इस गुस्से की वजह तनाव, काम का प्रेशर, चिड़चिड़ापन हो सकता है ।  

कम सुनने की क्षमता - कम सुनने की क्षमता जिसको हम नजरअंदाज कर दे रहे है । वह जिन कारणों से बढ़ रही है वह है तेज़ आवाज़, ध्वनि प्रदूषण और घंटो तक हैडफ़ोन का इस्तेमाल । इंसान 20 hz से 20 khz की ध्वनियॉ सुन सकता है उसमें भी एक उम्र के बाद आप कुछ ध्वनियॉ नहीं सुन सकते । परंतु अभी आप जो ध्वनियाँ सुन सकते है उनका पता आप यूट्यूब पर विडियो देख कर भी लगा सकते है वहाँ पर भी 20 से लेकर 20000 hz की आवर्ती के ध्वनि टेस्ट है । इससे आपको कुछ अनुभव हो जायेगा । और हाँ असली समस्या है  तो वह डॉक्टर ही बता सकते है । 

डायबिटीज- पुराने समय में ये बुढ़ापे में होने वाले रोग हुआ करते थे परंतु आज सभी वर्ग के व्यक्तियों में डायबिटीज़ का खतरा रहता है । वैसे तो इसके होने का मुख्य कारण इन्सुलिन की मात्रा में कमी होता है परंतु असंतुलित जीवन शैली जैसे मोटापा, अधिक मात्रा में जंक फ़ूड खाना, मीठा खाना, अधिक चीनी का सेवन,  एक्सरसाइज न करना, शारीरिक निष्क्रियता भी इसको जन्म देती है ।   
 




असमय बुढ़ापा - अधिक नमक खाने की वजह से असमय बुढ़ापा आ सकता है परंतु  जीवन शैली में क्रोध और चिंताये भी इसको जल्दी ला सकते है । 

हृदय रोग- खानपान की बुरी आदतों के कारण हृदय रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है । जिसमें कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता जा रहा है । 

मानसिक तनाव- आज कल युवाओ में मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है जिसके बढ़ने के कई कारण हो सकते है जैसे काम का बोझ, अकेलापन, पारिवारिक झगड़े । अधिक मानसिक तनाव आगे चलकर मानसिक बीमारियों का रूप ले लेते है । 

मोटापा- मोटापे की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है । इसमें सबसे ज्यादा खानपान की बुरी आदतें और एक्सरसाइज न करना जिम्मेदार है । अत्यधिक मात्रा में जंकफूड, कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने से यह बढ़ती जा रही है । 

आधुनिक जीवन-शैली व देखभाल 


जल्दी उठना और जल्दी सोना - वैसे तो कोशिश यही करनी चाहिए की रात को जल्दी सो जाये और सुबह जल्दी उठे । अधिक न सोये, ना ही कम नींद लें । जल्दी उठने के कई फायदे भी होते है जैसे की स्वस्थ हवा मिलती है, इंसान ज्यादा एक्टिव रहता है, सुबह खाली समय मिल जाता है ।   

व्यायाम - अगर आप फिजिकल वर्क नहीं करते है तो आपके लिए यह कही अधिक जरुरी हो जाता है की आप व्यायाम करे । एक्सरसाइज से आप स्वस्थ और निरोगी रहते है मोटापे की समस्या से भी आप निजात पा लेते है और दिल और दिमाग स्वस्थ रहता है । आप डांसिंग को भी अपने जीवन शैली में शामिल कर सकते है । 

संतुलित आहार- असमय खानपान की आदतों से बचे । एक संतुलित आहार का नियम बनाये । कब खाना है और कितना खाना है इस बात का भी ध्यान अवश्य रखें । भूखे न रहे और अत्यधिक भोजन की आदतों से भी बचे । आप अपनी जरुरत के हिसाब से एक भोजन चार्ट बना सकते है और उसे फॉलो करें । फलों और हरी सब्जियों को भी अपने खानपान में शामिल करें । 

स्वास्थ्य परीक्षण  - आज कल मेडिकल के क्षेत्र में बहुत तरक्कियाँ हो चुकी है । फिर भी हम बिना बीमार पड़े स्वास्थ्य परीक्षण नहीं करवाते । कितनो को तो अपना ब्लड ग्रुप भी पता नहीं होता । कम से कम रक्तचाप, डायबिटीज़, यूरिया और खून की जाँच अवश्य करानी चाहिए ।   


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धन्यवाद 



13 September, 2016

अकेलापन

आज कल की इस भाग-दौड़ वाली जीवन शैली में अक्सर न चाहते हुए भी हम अकेलेपन के शिकार हो जाते है यूँ तो हम अपने सम्बन्धियों और मित्रों से सोशल मीडिया में जुड़े रहते है और हमेशा संपर्क में भी रहते है परंतु फिर भी इस वर्चुअल वर्ल्ड के जुड़ाव के बावजूद हममें से कई लोग अकेलेपन का अनुभव करते है । इस अकेलेपन के कई कारण हो सकते है -

अकेलेपन के कारण

1. परिस्थितियों की वजह से - जैसे की समय की कमी, अत्यधिक काम का बोझ  । 

2. जीवन में असफलता के कारण । 

3. कई बार जानबूझ कर खुद को सबसे अलग कर लेना । 

4. पारिवारिक झगड़ों की वजह से । 

5. बेरोजगारी के कारण । 

6. किसी अपने को खो देने की वजह से या किसी प्रिय का वियोग । 

अकेलेपन से नुकसान 

1. इंसान तनाव, अवसाद से घिर जाता है । 

2. अकेलापन मानसिक रूप से बीमार बनाता है । 

3. इससे व्यक्ति के आत्मविश्वास में कमी आ जाती है ।

4. यह आपको लोगों और समाज से दूर कर देता है ।

5. आप चिड़चिड़े, उदास, दुःखी रहने लगते है आप आत्मघाती भी बन सकते है ।  

6. अनिद्रा के शिकार हो सकते है जिससे आप हमेशा थके- थके और आलसी हो सकते है ।

7. आप मोटापे के शिकार हो सकते है ।  


कैसे दूर करें अकेलेपन को 


1. परिवार और मित्र- अकेलेपन को दूर करने का पहला उपाय परिवार और मित्र लोग ही है । अपने परिवार और मित्रों के साथ वक्त निकाल कर समय व्यतीत करें । अगर यह सम्भव नहीं तो कम से कम उनसे बात करें सिर्फ टेक्स्ट मैसेज भेज कर काम नहीं चलेगा । 

2. अकेलेपन का कारण- उन कारणों का पता लगाये जो आपको अकेलेपन की ओर धकेलती हो । मोबाइल फ़ोन को कम्युनिकेशन के लिए विकसित किया गया था । परंतु आज बहुत से लोग मोबाइल में इस तरह डूब जाते है कि वे खुद अपने आप को सबसे अकेला कर लेते है । इसलिए उन कारणों को जानना जरुरी है जो आपको सबसे दूर करते है । 

3. कुछ नया सीखे- आप कोई नयी भाषा सीख सकते है या कोई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना सीख सकते है । या फिर कोई नयी हॉबी या स्किल्स सीख सकते है ।  ये भी आपके अकेलेपन को दूर करने में मदद करेंगें ।  

4. एक्सरसाइज करें- वैसे तो एक्सरसाइज करने से आपका अकेलापन दूर नहीं होगा परंतु  अगर आप अकेलेपन के शिकार हो चुके है तो ये आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सही बनाये रखने में मदद करेंगें । इसके अलावा आप डांसिंग भी कर सकते है । 

5. यात्रा- यात्रा करने से नये- नये अनुभव प्राप्त होते है और विभिन्न स्थानों पर जाने से एक नया जोश और फुर्ती आ जाती है और आप नये- नये लोगों से मिलते है उनसे बात करते है, जिससे आपका अकेलेपन दूर हो सकता है । 

6. नशे से दूर रहे- अकेलापन होने पर नशे की ओर आकर्षित न हो । नशा कभी भी इंसान का अकेलापन नहीं मिटाता । ये आदतें आपको अकेलेपन से निकालने के बजाय आपको नशे का आदी बना देंगी । 

7. पालतू जानवर- अगर आप किसी कारण वश परिवार और मित्रों के साथ समय व्यतीत नहीं कर पा रहे है तो कोई पालतू जानवर पाल ले । वह आपकी अकेलेपन से निकलने में बहुत सहायता करेगा क्योंकि आपको उसका हमेशा ध्यान रखना पड़ेगा जिससे आपका ध्यान आपके अकेलपन से दूर हो जायेगा और आपको उससे बहुत प्यार भी मिलेगा ।

8. सामाजिक गतिविधियाँ- आप अपने जगह की अलग- अलग सामाजिक गतिविधियों में भाग ले सकते है । या फिर कोई सामाजिक कार्य और सेवा कर सकते है । 


इन्हें भी पढ़े -          सुबह का नाश्ता कितना जरुरी


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31 August, 2016

तैराकी एक सम्पूर्ण एक्सरसाइज

नमस्ते दोस्तों,

आज हम बात कर रहे है तैराकी की और सबसे पहला सवाल यही उठता है कि क्या आप तैरना जानते है ? अगर हाँ तो यह आपका वह कौशल है जो आपको तैरना ना जानने वालो से अलग करता है । वस्तुतः तैरना एक कला है जिससे आप डूबने से बच सकते है और किसी और की भी जान बचा सकते है । इसके अलावा यह एक बेहतरीन एक्सरसाइज भी है । जिससे सम्पूर्ण शरीर की एक्सरसाइज हो जाती है । 

तैराकी के प्रकार Types of Swimming


वैसे तो तैराकी के बहुत सारे तरीके है परंतु उनमें से प्रमुख निम्न है :-

1. Free Style / Crawl
2. Back Stroke
3. Breast Stroke
4. Butterfly


तैराकी के लाभ Benefits of Swimming 


  • तैराकी ह्रदय और फेफड़ो के लिए एक अच्छी एक्सरसाइज होती है । 
  • अगर आप अपना वजन घटाना चाहते है तो तैराकी सबसे उपयुक्त एक्सरसाइज है । 
  • लंबाई बढ़ाने वाली एक्सरसाइज में तैराकी एक महत्वपूर्ण एक्सरसाइज है । 
  • यह फेफड़ो की क्षमता में वृद्धि करती है और उन्हें मजबूत बनाती है ।  
  • आप किसी की जान बचा सकते है । 
  • तैरने से शरीर में लचीलापन बना रहता है और मांसपेशियाँ मजबूत होती है । 
  • गर्मी के मौसम में गर्मी से राहत पाने का उपयुक्त समाधान तैराकी है । 
  • यह तनाव को भी मिटाता है । 
  • तैराकी से शरीर का स्टेमिना भी बढ़ता है । 

सावधानियाँ Precaution 


  • अगर आप तैराकी सीखना चाहते है तो किसी प्रशिक्षक की देख-रेख में ही सीखें । अकेले में तैराकी सीखने की कोशिश कतई ना करें । 
  • तैराकी के लिए उपयुक्त कपड़ो का चुनाव भी आवश्यक है ।  
  • हो सके तो आपने साथ साफ़ पानी की बोतल जरूर ले कर जाए । कई बार स्विमिंग पूल या नदी तालाब का पानी पेट, नाक, कान और आँख में घूस जाता है । 
  • स्विमिंग पूल में तैराकी से पहले और बाद में साफ़ पानी से जरूर नहा ले । 
  • खाना खाने के तुरंत बाद तैराकी करने ना जाए । 
  • हो सके तो अकेले स्थान पर या अकेले में तैराकी करने से बचें । 


18 August, 2016

सुबह का नाश्ता कितना जरुरी


क्या आप भी सुबह के नाश्ते से जी चुराते है या समय की कमी के कारण नाश्ता नहीं करते है । तो आईये पहले ये जानते है कि आखिर सुबह का नाश्ता इतना जरुरी क्यों होता है ।

जब हम रात को सो कर सुबह उठते है तो बहुत देर तक हमारा पेट खाली रहता है और अगर बिना नाश्ता करके चले जाए तो यह समय और भी ज्यादा बढ़ जाता है दिन भर भाग दौड़ या काम भी लगा रहता है जिससे कि शरीर में आवश्यक तत्वों की कमी हो जाती है और ज्यादा समय तक भूखा रहने से शरीर का मेटाबॉलिस्म धीमा हो जाता है बाद में असमय खान पान की आदतों से वजन बढ़ना, कब्ज, मोटापा, पेट की समस्या आदि उत्पन्न हो जाती है । 

BreakFast का अर्थ 


ब्रेक का हिंदी अर्थ होता है तोड़ना और फ़ास्ट का एक अर्थ होता है उपवास । तो इसका शाब्दिक अर्थ रात भर के उपवास को तोड़ना । माना कोई व्यक्ति 8 घंटे की नींद लेकर सुबह 2 घंटे बाद नाश्ता करता है इस तरह उसने 10 घंटे बाद दुबारा भोजन किया । अगर वह व्यक्ति नाश्ता छोड़ कर लंच के समय खाना खाता है तो आप खुद ही अनुमान लगा लीजिये वह कितने घंटे भूखा रहा और इस तरह भूखा रहने से उसकी शारीरिक और मानसिक ऊर्जा का कितना ह्रास होगा ।  
   

नाश्ते के फायदे 


  • नाश्ता आपको ऊर्जा देता है जिससे आप अपने दिन के कामों को कर सके । 
  • ये आपको सक्रिय / ऊर्जावान  बनाये रखता है जिससे आप अपने कार्य स्थल में अच्छा प्रदर्शन कर सके । 
  • यह आपके वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है । 
  • अगर आप नाश्ता करते है तो लंच के समय यह आपको ओवरईटिंग से भी बचाता है । 
  • यह बेड केलोस्ट्रोल के लेवल को भी कम करता है । 
  • मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है । 

सुबह के नाश्ते में क्या खाये 


अक्सर समय की कमी के चलते लोग सुबह का नाश्ता नहीं करते या फिर नाश्ता बनाने का समय भी नहीं होता । ऐसे में नाश्ते के रूप में फलों का सेवन कर सकते है । अंकुरित अनाज, चने, मेवे आदि का उपयोग भी कर सकते है और अगर आप अंडे खाते है तो ये भी अच्छा विकल्प हो सकता है । इसके अलावा दूध, मिल्क प्रोडक्ट, दलिया, जई, पोहा, उपमा आदि भी खा सकते है । और अगर समय हो तो अपना मनपसंद नाश्ता करे । 

नाश्ता न करने से नुकसान 


  • नाश्ता न करने से इंसान थका हुआ सा महसूस करता है जिससे कुछ समय बाद वो चिड़चिड़ा भी हो जाता है ।  
  • नाश्ता न करने से मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है । जिस कारण खाना देर से भी पचता है । 
  • खाने में अनियमतता के कारण पेट सम्बंधित रोग भी हो सकते है ।
  • इंसान का वजन बढ़ने लगता है और मोटापे के शिकार हो सकते है ।  
  • नाश्ता न करने के कारण मधुमेह तथा दिल की बीमारी का खतरा भी रहता है ।